खाँसी क्या होती है?
खाँसी (Cough) शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है जो गले, श्वसन नली (Respiratory tract) और फेफड़ों को साफ करने का काम करती है। जब धूल, धुआँ, बलगम, एलर्जी या संक्रमण की वजह से गले में जलन होती है तो शरीर हवा को ज़ोर से बाहर निकालता है। यही प्रक्रिया खाँसी कहलाती है।

👉 ध्यान रखें कि खाँसी कोई बीमारी नहीं बल्कि एक लक्षण (Symptom) है, जो बताता है कि आपके श्वसन तंत्र (Respiratory System) में कुछ समस्या है।
Table of Contents
खाँसी के प्रकार
1. सूखी खाँसी (Dry Cough)
- इसमें बलगम नहीं निकलता।
- अक्सर गले में जलन, खुजली या एलर्जी की वजह से होती है।
- वायरल इंफेक्शन और धूल-धुएँ से बढ़ जाती है।
2. गीली खाँसी (Wet Cough / Productive Cough)
- इसमें बलगम (Mucus) निकलता है।
- यह बैक्टीरियल इंफेक्शन, ब्रोंकाइटिस, सर्दी-जुकाम या स्मोकिंग की वजह से होती है।
खाँसी के लक्षण (Symptoms of Cough)
- गले में खराश या खुजली
- बार-बार खाँसना
- आवाज़ बैठना
- सीने में भारीपन या जलन
- बलगम आना (गीली खाँसी में)
- सांस लेने में कठिनाई (गंभीर स्थिति में)
खाँसी के घरेलू इलाज (Home Remedies for Cough)
Dry Cough (सूखी खाँसी) के घरेलू उपाय
- अदरक और शहद का सेवन
- हल्दी वाला दूध
- नमक के पानी से गरारे
- तुलसी-अदरक-काली मिर्च की चाय
- भाप लेना
Wet Cough (गीली खाँसी) के घरेलू उपाय
- गर्म पानी पीना
- भाप लेना (Steam inhalation)
- शहद और अदरक का रस
- सूप और गर्म तरल पदार्थ
- तुलसी की चाय
खाँसी की दवाइयाँ (Medicines for Cough)
1. Expectorant (एक्सपेक्टोरेंट)
👉 बलगम को पतला कर बाहर निकालने में मदद करते हैं।
Examples: Ambroxol, Guaifenesin, Terpin hydrate.
2. Mucolytic (म्यूकोलाइटिक)
👉 बलगम की चिपचिपाहट कम करते हैं ताकि आसानी से बाहर निकल सके।
Examples: Bromhexine, Acetylcysteine, Ambroxol.
3. Bronchodilator (ब्रॉन्कोडाइलेटर)
👉 फेफड़ों की नलियों को चौड़ा करते हैं, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है।
Examples: Salbutamol, Terbutaline, Theophylline.
4. Cough Suppressants (सूखी खाँसी के लिए)
👉 खाँसी रोकने में मदद करते हैं।
Examples: Dextromethorphan, Pholcodine, Codeine (केवल डॉक्टर की सलाह से)।
Dry Cough vs Wet Cough: Home Remedies & Medicines (Quick Table)
| प्रकार | लक्षण | घरेलू उपाय | दवाइयाँ |
|---|---|---|---|
| Dry Cough (सूखी खाँसी) | गले में जलन, खुजली, बलगम नहीं | अदरक-शहद, हल्दी दूध, गरारे, भाप | Cough Suppressants (Dextromethorphan, Lozenges) |
| Wet Cough (गीली खाँसी) | बलगम निकलना, सीने में भारीपन | भाप लेना, गर्म पानी, तुलसी चाय, शहद | Expectorant (Ambroxol, Guaifenesin), Mucolytic (Bromhexine), Bronchodilator (Salbutamol) |
Prevention (बचाव के तरीके):
- धूल, धुआँ, प्रदूषण से बचें
- स्मोकिंग न करें
- ठंडे पेय से परहेज़ करें
- संतुलित आहार और पानी पिएँ
Diet Tips (आहार सुझाव)
- Vitamin C युक्त फल (संतरा, नींबू, आंवला)
- हल्के गर्म तरल पदार्थ (सूप, ग्रीन टी, हर्बल टी)
- मसाले जैसे अदरक, काली मिर्च, हल्दी
Quick Remedies Section (बुलेट पॉइंट्स में):
- अदरक-शहद
- हल्दी दूध
- भाप लेना
- नमक वाले पानी से गरारे
Myth vs Fact (छोटा सेक्शन):
- Myth: खाँसी में ठंडी चीज़ खाने से ही होती है।
- Fact: खाँसी वायरस, एलर्जी और प्रदूषण से भी होती है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
- खाँसी 2–3 हफ्ते से ज़्यादा चले
- खाँसी में खून आए
- सांस लेने में तकलीफ़ हो
- तेज़ बुखार या सीने में दर्द हो
निष्कर्ष (Conclusion)
खाँसी एक आम समस्या है जो कभी साधारण सर्दी-जुकाम से तो कभी गंभीर संक्रमण से हो सकती है।
घरेलू उपाय और सही दवाइयाँ अपनाकर खाँसी को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन अगर खाँसी लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से ज़रूर परामर्श लें।
👉 यह ब्लॉग “खाँसी क्या है, कारण, लक्षण, घरेलू उपाय और दवाइयाँ” पर आधारित है और इसमें Dry Cough व Wet Cough दोनों की जानकारी दी गई है।
FAQ Section (2–3 आम सवाल):
- खाँसी कितने दिन तक सामान्य मानी जाती है?
- क्या खाँसी में Antibiotic लेना ज़रूरी है?
- बच्चों की खाँसी और बड़ों की खाँसी में क्या अंतर है?




